- परिवहन विभाग व यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने इंदिरा स्टेडियम में चलाया विशेष अभियान
जिले के 50 से अधिक निजी स्कूलों में सैंकड़ों स्कूल बसें दौड़ती है जिसमें प्रतिदिन बच्चों को घर से स्कूल व स्कूल से लाने ले जाने का काम किया जाता है। स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की एक संयुक्त टीम ने एक बड़ी मुहिम चलाई। शहर के इंदिरा स्टेडियम में जिले के विभिन्न स्कूलों की कुल 105 बसों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। इस दौरान 8 से 10 स्कूल बसों में फायर सेफ्टि उपकरण पुराने पाये जिसे देखकर अफसरों ने स्कूल बस के चालकों को कड़ी फटकार लगाई है। उल्लेखनीय है कि 15 जून से जिले के स्कूल खुल चुके हैं और स्कूल बस से प्रतिदिन बच्चों को लाने ले जाने का काम किया जा रहा है। स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा सबसे अहम होती है, इसलिए जिले में दौड़ने वाली स्कूल बस मापदंड में खरे उतर रहे हैं कि नहीं इसे जांचने के लिए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, यातायात डीएसपी डीके सिंह, सउनि मनोज राठौर जिला परिवहन अधिकारी अतुल तिवारी व उनकी पूरी टीम शुक्रवार को टीपी नगर स्थित इंदिरा स्टेडिम में 105 स्कूल बसों का औचक निरीक्षण किया गया। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करवाना है। जांच के दौरान संयुक्त टीम ने बसों में सुरक्षा से जुड़े हर अहम पहलू को परखा। जिसमें मुख्य रुप से गति नियंत्रण के लिए इसकी क्रियाशीलता जांची गई। बसों के भीतर सुरक्षा निगरानी के लिए कैमरों को चेक किया गया। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए इनकी उपलब्धता देखी गई। फर्स्ट एड बॉक्स और इमरजेंसी डोर आदि का भी मुआयना किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश बसों में व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गई, लेकिन 8 से 10 स्कूल बसों में फायर सेफ्टी उपकरण काफी पुराने और एक्सपायर्ड मिले। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी जताई। लापरवाही बरतने वाले स्कूल प्रबंधन और बस
संचालकों को अधिकारियों ने कड़ी फटकार लगाई। टीम ने उन्हें सख्त हिदायत देते हुए नए और चालू हालत वाले उपकरण लगाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने साफ किया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। दिए गए समय की अवधि समाप्त होने के बाद, इन सभी चिन्हित बसों की दोबारा सघन जांच की जाएगी, यदि दोबारा बसों में खामियां पायी गई तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

