20°C Korba
July 28, 2026
केसीसी के शानदार छब्बीस वर्ष शहर में नया आयाम
Education कोरबा छत्तीसगढ़ टेक्नोलॉजी देश मोटिवेशन शिक्षा

केसीसी के शानदार छब्बीस वर्ष शहर में नया आयाम

Jun 18, 2026

कोरबा शिक्षण समिति की स्थापना दूरस्थ आदिवासी अंचल में अत्याधुनिक कम्प्यूटर विज्ञान के पाठ्यक्रम द्वारा शहर एवं गांवों के छात्रों को रोजगार मूलक पाठ्यक्रम से उनके जीवन स्तर में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से की गई थी। जिसे आज कोरबा कम्प्यूटर महाविद्यालय अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर से सम्बद्ध जो पूरे अंचल में “केसीसी” के नाम से विख्यात है ने अपने छब्बीसवें सफलतम वर्षों में अपना एक मुकाम प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर व्यवसायिक तकनीकि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। समिति एवं केसीसी ग्रुप के चेयरमेन राजेश अग्रवाल ने पत्रकारवार्ता में बताया कि महाविद्यालय अपने अत्याधुनिक विशाल एवं सभी मापदंडो से परिपूर्ण नए केसीसी केम्पस जो कि घंटाघर चौक के समीप है, में संचालित है तथा आई.टी. (कम्प्यूटर) के BCA, DCA, PGDCA, MSC (CS) के साथ साथ मैनेजमेंट के पाठ्यक्रम (BCOM, BBA) के पाठ्यक्रम में भी प्रवेश चल रहा है।


श्री अग्रवाल जी ने आगे बताया कि महाविद्यालय की स्थापना जुलाई 2000 सत्र से हुई तब से लेकर आज तक महाविद्यालय में DCA, PGDCA का छब्बीसवां व BCA का तेईसवां बैच अपनी पढ़ाई पूरी कर निकल रहा है। कोरबा शिक्षण समिति के अथक प्रयास से कोरबा शहर के (ST, SC, OBC) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग के छात्रों को कोरबा कम्प्यूटर महाविद्यालय के सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेशित बालक, बालिकाओं को भारत शासन एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय नियमानुसार छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि महाविद्यालय के अनुभवी एवं उच्च शिक्षित शिक्षको की मेहनत व आधुनिक तकनीकी के कारण महाविद्यालय का परीक्षाफल 80 से 90 प्रतिशत प्राप्त हो रहा है जो महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता का परिचायक हैं। महाविद्यालय आधुनिक कम्प्यूटर लैब, विशाल लाइब्रेरी, प्रोजेक्टर एवं सहायक शिक्षण सामग्री से युक्त है। शिक्षण व्यवस्था के साथ व्यक्तित्व विकास की कक्षाएं, विभिन्न विषयों पर संगोष्ठी, सेमीनार, पर्यावरण सुरक्षा हेतु वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित होते है। महाविद्यालय में अंतिम सेमेस्टर के छात्रों द्वारा “लाइव प्रोजेक्ट” तथा वैज्ञानिक शिक्षा व्यवस्था में जिसमें हर माह यूनिट टेस्ट, प्री टेस्ट, मिड सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ एसाइनमेंट के द्वारा छात्रों को विषयों की गहरी जानकारी करायी जाती है। जिसका समय-समय पर मूल्यांकन किया जा सके और छात्र आधुनिक शिक्षा से परिपूर्ण होकर अपनी शिक्षा पूर्ण करे। यह संस्था का प्रथम लक्ष्य है। कोरबा कम्प्यूटर महाविद्यालय ने छब्बीसवें वर्षों के काल में कम्प्यूटर में बीसीए, डीसीए, पीजीडीसीए के पाठ्यक्रमों के लिए नगर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आज केसीसी एक जाना पहचाना विख्यात नाम है। महाविद्यालय का लक्ष्य छात्रों को विभिन्न तरह के कार्यक्रमों में जैसे शैक्षणिक वाद-विवाद, खेलकूद, साहित्यिक, सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, साफ्टवेयर प्रोजेक्ट के द्वारा छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके। जिससे छात्र आज के इस कठिन प्रतिस्पर्धा युग में अपना रोजगार स्थापित कर सके।
उन्होने आगे बताया कि समिति द्वारा वृद्धाश्रम, कुष्ठआश्रम, बालाश्रम में समय-समय पर आर्थिक सहयोग, सामाजिक धार्मिक संस्थाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान कर अपनी समाजिक सहभागिता एवं दायित्व की पूर्ति की जाती है।
कोरबा कम्प्यूटर महाविद्यालय की सफलता का श्रेय महाविद्यालय की शैक्षणिक व अशैक्षणीक तथा अकादमिक टीम रीना लहरे, सुरभि कुण्डू, सुरभि राठौर, राखी सोनवानी, मेधा सोनी, योगिता अग्रवाल, सिमरन कौर, श्वेता टंडन, बालीदास महंत, ईरविन ईनेश कुमार, पियुश साहू, उमाकांत कैवर्त व शिवप्रसाद निर्मलकर को जाता है जिन्होने महाविद्यालय के छब्बीावें वर्ष पूर्ण करने पर महाविद्यालय प्रबंधन को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है एवं महाविद्यालय के निरंतर विकास एवं भविष्य के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्य करने का संकल्प दोहराया है।